1
00:02:40,583 --> 00:02:46,208
स्वप्न सुनहरे

2
00:02:46,958 --> 00:02:52,500
घाव गहरें

3
00:02:54,583 --> 00:02:59,125
हर धारा में लेके चली

4
00:02:59,500 --> 00:03:03,875
जीव नदी

5
00:03:06,333 --> 00:03:10,125
पर्वत रोके

6
00:03:11,291 --> 00:03:15,583
चीरे घाटी

7
00:03:17,833 --> 00:03:22,500
धार समय की

8
00:03:23,750 --> 00:03:29,000
रुक ना पाती

9
00:03:30,291 --> 00:03:36,125
कल कल ये

10
00:03:36,416 --> 00:03:40,125
अविरल ये

11
00:03:40,875 --> 00:03:46,875
बहती जाती प्राण नदी

12
00:03:48,291 --> 00:03:54,500
जीव नदी

13
00:06:44,916 --> 00:06:46,416
परमेश्वर!

14
00:06:50,041 --> 00:06:52,500
तू मेरे पापों का प्रायश्चित चाहता है

15
00:06:52,875 --> 00:06:54,500
तो मेरे प्राण ले ले

16
00:06:54,666 --> 00:06:58,416
लेकिन इस बच्चे को जीवनदान दे दे।

17
00:06:59,041 --> 00:07:03,416
जो इसकी प्रतिक्षा कर रही है
उस माँ के लिये इसे जीना होगा।

18
00:07:03,500 --> 00:07:06,791
माहिष्मती सिंहासन के लिये इसको जीना होगा।

19
00:07:06,916 --> 00:07:10,625
महेन्द्र बाहुबली को जीना होगा।

20
00:07:43,458 --> 00:07:44,583
अरे रे रे।

21
00:07:50,083 --> 00:07:52,250
अरे मुँह क्या देख रहे हो? जल्दी जाओ।

22
00:07:54,875 --> 00:07:56,583
अरे रे रे। जरा बच के।

23
00:08:21,541 --> 00:08:24,250
-क्या? हुआ क्या रे?
-का पता, मालिक।

24
00:08:24,333 --> 00:08:26,916
चूड़ी देख कर तो लगता है
कोई रानी महरानी होगी।

25
00:08:27,041 --> 00:08:29,375
वहाँ ऊपर की ओर उंगली दिखा रही थी।

26
00:08:32,916 --> 00:08:34,125
मालिक।

27
00:08:37,166 --> 00:08:38,166
अरे क्या हुआ?

28
00:08:38,250 --> 00:08:39,958
लगता है ये लोग अम्मा को मारने आए थे।

29
00:08:40,083 --> 00:08:42,625
पर अम्मा ने बड़ी चालाकी से
इन्हीं को मार दिया।

30
00:08:45,416 --> 00:08:46,500
मालिक।

31
00:08:50,500 --> 00:08:52,166
उई माँ। गुफा।

32
00:08:52,250 --> 00:08:54,666
इसके बारे में तो हमको कुछ पता ही नहीं था।

33
00:08:56,708 --> 00:08:59,166
लगता है इस गुफा से कोई रास्ता निकलता है।

34
00:08:59,541 --> 00:09:02,500
वो अम्मा ने ऊपर की ओर उंगली दिखाई थी।

35
00:09:02,583 --> 00:09:04,291
यानि बच्चे को वहाँ ले जाया जाये।

36
00:09:04,416 --> 00:09:05,916
अरे पगला गये हो।

37
00:09:06,041 --> 00:09:08,500
दूध पीते बच्चे को मारने सिपाही भेजे गये।

38
00:09:08,583 --> 00:09:09,791
तो सोचो वहाँ ऊपर

39
00:09:09,916 --> 00:09:11,958
-कितना बड़ा संकट होगा।
-वो बात नहीं है, सांगा।

40
00:09:13,333 --> 00:09:14,958
ये मेरा बेटा है।

41
00:09:15,500 --> 00:09:16,916
इस बच्चे को मेरी गोद में

42
00:09:17,041 --> 00:09:18,875
गंगा मईया ने डाला है।

43
00:09:19,375 --> 00:09:24,083
जो मेरी बात नहीं मानेगा
मैं उसकी गर्दन पांव तले कुचल दूँगी।

44
00:09:24,166 --> 00:09:27,291
हे क्या देख रहे हो। बंद कर दो ये गु्फा।

45
00:09:38,541 --> 00:09:39,791
शिवा।

46
00:09:43,500 --> 00:09:44,791
शिवा।

47
00:09:46,083 --> 00:09:47,666
यहाँ क्या कर रहे हो, बेटा?

48
00:09:47,750 --> 00:09:49,625
माँ, वो उपर क्या है, माँ?

49
00:09:58,000 --> 00:10:00,083
ऊपर भूत प्रेत रहते हैं।

50
00:10:00,166 --> 00:10:02,208
बच्चों को चिर फाड के खा जाएंगे।

51
00:10:02,333 --> 00:10:04,166
मैं ऊपर जाउँगा, माँ।

52
00:10:04,250 --> 00:10:06,625
फिर से वही बात। चल।

53
00:10:26,083 --> 00:10:28,416
उस जल पर्वत पर चढ़ने से मना किया था ना।

54
00:10:28,500 --> 00:10:30,208
बार-बार काहे को चढ़ते हो?

55
00:10:30,291 --> 00:10:33,125
मेरा राजा बेटा, फिर से नहीं जाएगा ना?

56
00:11:25,375 --> 00:11:26,958
लगता है इस बार चढ़ जाएगा।

57
00:11:27,083 --> 00:11:29,500
क्या चढ़ जाएगा? वो जल पर्वत देखा है?

58
00:11:29,583 --> 00:11:31,083
बादलों में घुसा पड़ा है।

59
00:11:31,208 --> 00:11:33,125
अरे वो चालीस गज से कितनी बार गीरा है।

60
00:11:33,208 --> 00:11:34,750
हाँ। कम से कम सौ बार।

61
00:11:34,833 --> 00:11:37,625
अभी देखना इस बार भी फिर से गिरेगा।

62
00:12:13,125 --> 00:12:14,708
ओह शिवा।

63
00:12:14,791 --> 00:12:17,583
वो देखो तुम्हारी माँ
क्या करने पर तुली हुई है?

64
00:12:18,500 --> 00:12:21,625
शिवा-शिवा। शिवा-शिवा।

65
00:12:22,250 --> 00:12:25,583
शिवा-शिवा। शिवा-शिवा।

66
00:12:26,625 --> 00:12:28,083
पंद्रह।

67
00:12:28,250 --> 00:12:32,166
एक सौ एक बार और अभिषेक करो
तो तुम्हारी मन्नत अवश्य पूरी होगी।

68
00:12:32,750 --> 00:12:36,500
स्वामी, मन्नत पूरी हो गई
तो मेरा बेटा मेरी बात सुनेगा?

69
00:12:36,875 --> 00:12:38,583
उस जल पर्वत पर जाना छोड़ देगा।

70
00:12:38,666 --> 00:12:41,333
तो। शिव की शक्ती जानती हो?

71
00:12:41,791 --> 00:12:44,541
तुम मन से महाकाल का अभिषेक करो

72
00:12:45,125 --> 00:12:48,291
तो वो तुम्हारे पुत्र को
उचित दिशा प्रदान करेंगे।

73
00:12:48,416 --> 00:12:50,375
-ठीक है, स्वामी।
-शिव, शिव।

74
00:12:51,166 --> 00:12:54,000
माँ, तुम अपने आप को
छोटी बच्ची समझती हो क्या?

75
00:12:54,708 --> 00:12:56,833
इतनी भाग दौड़ करोगी
तो क्या हाल होगा तुम्हारा।

76
00:12:56,916 --> 00:12:59,416
-हट जा।
-माँ। माँ। माँ, मेरी बात सुनो ना।

77
00:12:59,500 --> 00:13:01,875
-माँ...
-जा। कभी तुने मेरी बात सुनी।

78
00:13:02,583 --> 00:13:04,916
बाबूजी, माँ को समझाओ ना।

79
00:13:05,083 --> 00:13:06,875
-सांगा...
-क्या?

80
00:13:07,125 --> 00:13:08,708
-अरे वो फुल तुमने कहाँ रखे हैं?
-बाबूजी...

81
00:13:08,791 --> 00:13:10,416
-बाबूजी...
-छोड़। छोड़ मुझे।

82
00:13:10,500 --> 00:13:13,125
इसे तुम्हारी जगह मैं कर दू। मान जाओ ना।

83
00:13:13,208 --> 00:13:15,875
ना। शिव नहीं मानेंगे।

84
00:13:16,916 --> 00:13:19,500
जिसने मन्नत मानी वही पूरी करे।

85
00:13:20,000 --> 00:13:21,750
स्वामी, तुम अपना हाथ मरोड़ो ना।

86
00:13:21,833 --> 00:13:23,333
ऊँ नम: शिवाय।

87
00:13:23,708 --> 00:13:25,833
-माँ। माँ।
-क्या है रे?

88
00:13:26,041 --> 00:13:28,166
माँ, मैं तुम्हे ऐसे उठा लूँगा।

89
00:13:28,250 --> 00:13:30,208
अब नहलाओ अपने शिव को। मान जाओ ना।

90
00:13:30,333 --> 00:13:32,541
ना। शिव नहीं मानेंगे।

91
00:13:32,625 --> 00:13:35,125
जिसने मन्नत मानी है
उसी को पूरी करनी होगी।

92
00:13:35,208 --> 00:13:37,333
और चल के पूरी करनी होगी।

93
00:13:39,208 --> 00:13:42,833
स्वामी। आप और आपके शिवजी
मेरी माँ की जान लोगे क्या?

94
00:13:42,916 --> 00:13:46,458
पता नहीं। शिव के मन में
का चल रहा है उ हम का जाने।

95
00:13:53,708 --> 00:13:55,083
शिवा। शिवा।

96
00:13:56,583 --> 00:13:57,875
ये सांगा...

97
00:13:57,958 --> 00:14:00,250
देख तेरा बेटा क्या करने जा रहा है?

98
00:14:00,541 --> 00:14:02,083
अब क्या करने जा रहा है?

99
00:14:08,125 --> 00:14:10,375
शिवा। रुक जा।

100
00:14:11,125 --> 00:14:16,125
क्या कर रहा है? नरक में जाएगा।
शिवा, रुक जा। रुक जा।

101
00:14:21,458 --> 00:14:22,750
शिवा...

102
00:14:40,125 --> 00:14:41,416
शिवा, रुक जा...

103
00:14:43,333 --> 00:14:48,250
जिन शिवजी के जटाओं में अतिवेग से
विलासपुर्वक भ्रमण कर रही

104
00:14:48,375 --> 00:14:53,500
देवी गंगा की लहरें
उनके शिश पर लहरा रहीं हैं

105
00:14:57,958 --> 00:15:02,916
जिनके मस्तक पर अग्नी की प्रचंड ज्वालायें
धधक-धधक करके प्रज्वलित हो रहीं हैं

106
00:15:03,000 --> 00:15:08,666
उन बाल चंद्रमा से विभूषित शिवजी में
मेरा अनुराग प्रतिक्षण बढता रहे

107
00:15:13,416 --> 00:15:18,166
कौन है वो, कौन है वो? कहाँ से वो आया?

108
00:15:18,250 --> 00:15:23,083
चारों दिशाओं में तेज सा वो छाया

109
00:15:23,166 --> 00:15:27,708
उसकी भुजायें बदले कथायें

110
00:15:28,041 --> 00:15:31,333
भागीरथ तेरी तरफ शिवजी चले

111
00:15:31,458 --> 00:15:36,375
देख जरा ये विचित्र माया

112
00:16:04,250 --> 00:16:09,083
जो पार्वतीजी के विलासमय रमणीय कटाक्षों में

113
00:16:09,166 --> 00:16:15,708
परम आनन्दित रहतें हैं

114
00:16:16,500 --> 00:16:21,291
जिनके कृपादृष्टी मात्र से भक्तों की
समस्त विपत्तीयाँ दूर हो जाती है

115
00:16:21,416 --> 00:16:27,458
ऐसे दिगम्बर शिवजी की आराधना से
मेरा चित्त सदा आनन्दित रहे

116
00:16:28,583 --> 00:16:33,583
मैं उन शिवजी की भक्ति में आनन्दित रहूँ
जो सभी प्राणियों के आधार एवं रक्षक है

117
00:16:33,666 --> 00:16:39,416
जिनके जटाओं में लिपटे सर्पों
के फण की मणियों के प्रकाश

118
00:16:43,375 --> 00:16:48,250
पीले वर्ण प्रभा-समुहरूपकेसर
के कांती से दिशाओं को प्रकाशित करते हैं

119
00:16:48,375 --> 00:16:53,333
और जो गजचर्म से विभुषित है।

120
00:17:13,791 --> 00:17:15,208
माँ...

121
00:17:15,458 --> 00:17:17,666
अपने शिव को हजार बार नहीं

122
00:17:18,125 --> 00:17:21,208
अब हर घड़ी नहलाओ। अब तो ख़ुश हो ना?

123
00:18:23,250 --> 00:18:26,166
स्वामी, जो आपने कहा वही हुआ।

124
00:18:26,500 --> 00:18:30,833
पिछ्ली अमावस से मेरे शिवा ने
उस जल पर्वत की ओर आँख उठा कर भी नहीं देखा।

125
00:18:30,916 --> 00:18:33,958
तो। का समझा था शिव को।

126
00:18:34,375 --> 00:18:37,958
लेकिन जब देखो वो मुखौटा

127
00:18:38,041 --> 00:18:41,833
जो शिव लिंग से टकराकर नीचे गिरा था
उसी को पकड़ के बैठा रहता है।

128
00:18:41,916 --> 00:18:43,333
वो है क्या?

129
00:18:44,750 --> 00:18:48,208
का पता। शिव का का देता है हम का जाने।

130
00:18:48,333 --> 00:18:50,083
शिव से ही पूछना पड़ेगा।

131
00:18:50,166 --> 00:18:54,583
स्वामी, लिंग का अभिषेक तो
हमारे बेटे शिवा ने किया, है ना,

132
00:18:55,041 --> 00:18:57,458
तो ऊपर जाने की उसकी मन्नत पूरी होगी

133
00:18:57,541 --> 00:19:00,041
या फिर सांगा की मन्नत कि शिवा यही रहे।

134
00:19:00,125 --> 00:19:03,750
आग लगे तुम्हारी ज़बान को।
मेरे बेटे ने जो किया मेरे लिये किया।

135
00:19:04,166 --> 00:19:07,041
तो मेरी मन्नत ही पूरी करेगा। है ना स्वामी।

136
00:19:07,791 --> 00:19:12,250
शिव जो सोचता है वही करता है। शंभु शंकर।

137
00:19:12,375 --> 00:19:14,250
शंभु शंकर।

138
00:19:15,166 --> 00:19:16,000
का बोले?

139
00:19:23,208 --> 00:19:24,166
अरे वो शिवा।

140
00:19:24,250 --> 00:19:26,541
और कितने दिन इस लक्कड़
को पकड़ के बैठे रहोगे?

141
00:19:26,625 --> 00:19:28,833
वो ऊपर कोई तो है।

142
00:19:28,916 --> 00:19:31,625
है तो तुमको क्या?
वहाँ तुम्हारी माँ कब से गला फाड़ रही है।

143
00:19:31,708 --> 00:19:34,166
-चल, घर चल।
-तुम लोग जाओ रे। मैं बाद में आउँगा।

144
00:19:34,250 --> 00:19:35,625
ये चलो रे।

145
00:19:39,083 --> 00:19:42,500
कौन हो तुम? क्यों आई हो मेरे पास?

146
00:20:52,791 --> 00:20:57,500
खोया है, खोया है, खोया है, खोया दिल ऐसे

147
00:20:58,916 --> 00:21:04,625
लहरों में, लहरों में खोई हूँ
मुंदे यार जैसे

148
00:21:05,041 --> 00:21:10,375
तारों में चमके जिसकी दो आँखें
मैं ही तो हूँ ना

149
00:21:11,208 --> 00:21:17,458
झरनों में गाऊ, मैं झीलों से बोलूँ
आके तू सुनना

150
00:21:20,666 --> 00:21:25,416
हे धीरगंभीर वीर, तुम्हारी वीरता
जीवन में तुम्हें आगे ले जाएगी

151
00:21:26,916 --> 00:21:31,875
उचीं छलांग लगाओ
दृढ़ संकल्पी है आप

152
00:21:33,125 --> 00:21:37,875
हे धीरगंभीर वीर, तुम्हारी वीरता
जीवन में तुम्हें आगे ले जाएगी

153
00:21:39,416 --> 00:21:45,125
उचीं छलांग लगाओ
दृढ़ संकल्पी है आप

154
00:22:16,166 --> 00:22:21,333
तेरे लिये सांसे चले

155
00:22:22,625 --> 00:22:27,833
आ जी ले तू संग, साजना

156
00:22:28,583 --> 00:22:33,791
सुन ले जरा
तुझे पिया

157
00:22:35,458 --> 00:22:40,708
दिलदार मैंने चुना

158
00:22:41,583 --> 00:22:47,791
जहाँ-जहाँ जाएगी तू वहाँ-वहाँ आऊँगा
मैं रोके से मैं ना मानूँ

159
00:22:47,875 --> 00:22:52,333
झोंका हूँ हवाओं का
मैं थमना ठहर जाना, क्या जानूँ

160
00:22:52,458 --> 00:22:56,958
जो पर्वत भी मुझको रोके, मुझे रोके

161
00:22:57,041 --> 00:23:00,375
मैं ठोकरों से उड़ा दूँ दो पल में

162
00:23:00,500 --> 00:23:05,083
वह है बलवान
जिसका ना कर सके कोई मुकाबला

163
00:23:06,625 --> 00:23:11,416
उसका क्रोध उसके शत्रूओं को भ्रमित कर देगा

164
00:23:12,875 --> 00:23:17,583
वह है बलवान
जिसका ना कर सके कोई मुकाबला

165
00:23:19,083 --> 00:23:24,166
उसका क्रोध उसके शत्रूओं को भ्रमित कर देगा

166
00:24:05,958 --> 00:24:11,416
जाने कहाँ से आ गया

167
00:24:12,250 --> 00:24:18,000
ले के तू प्यार का आशियाँ

168
00:24:18,541 --> 00:24:24,250
आ जरा आज़मा

169
00:24:25,333 --> 00:24:30,458
तू कहे तो लूटा दूँ ये जान

170
00:24:32,166 --> 00:24:37,958
असंभव शिखर उसने पार किया
उसका रक्त बह रहा है नदी की तरह

171
00:24:38,375 --> 00:24:44,125
उसका प्रबल शरीर, एक अस्त्र
इस वीर की जयजयकार करो

172
00:24:44,625 --> 00:24:50,583
वायु और आकाश में वह संहार करता है
बस अपने गर्जना से वह युद्ध जित लेता है

173
00:24:50,833 --> 00:24:56,958
अंत में यह प्रकोपी वीर शांत हो जाता है

174
00:24:57,083 --> 00:25:00,041
भय का नाशक, धन का सागर

175
00:25:00,125 --> 00:25:03,166
महत्प्रयास के बाद वह शांत हो जाता है

176
00:25:03,250 --> 00:25:06,375
भय का नाशक, धन का सागर

177
00:25:06,500 --> 00:25:09,458
महत्प्रयास के बाद वह शांत हो जाता है

178
00:25:09,541 --> 00:25:12,541
भय का नाशक, धन का सागर

179
00:25:12,625 --> 00:25:15,125
महत्प्रयास के बाद वह शांत हो जाता है

180
00:25:15,208 --> 00:25:20,125
हे धीरगंभीर वीर, तुम्हारी वीरता
जीवन में तुम्हें आगे ले जाएगी

181
00:25:21,500 --> 00:25:26,583
उचीं छलांग लगाओ,
दृढ़ संकल्पी है आप

182
00:25:27,625 --> 00:25:33,000
हे धीरगंभीर वीर, तुम्हारी वीरता
जीवन में तुम्हें आगे ले जाएगी

183
00:25:33,916 --> 00:25:39,250
उचीं छलांग लगाओ,
दृढ़ संकल्पी है आप

184
00:25:40,166 --> 00:25:41,458
हे धीरगंभीर वीर

185
00:25:41,541 --> 00:25:46,583
सुन जरा
तू सिंगारे आ

186
00:25:47,791 --> 00:25:54,625
सावरा, तू है मेरा

187
00:26:56,750 --> 00:26:58,250
हे...

188
00:27:00,750 --> 00:27:02,916
हे रुक।

189
00:27:07,666 --> 00:27:09,041
रुक।

190
00:27:23,041 --> 00:27:24,458
वो रही उधर।

191
00:27:44,958 --> 00:27:47,166
कासी...

192
00:28:07,625 --> 00:28:09,666
धोख़ा हुआ। मारो।

193
00:28:27,458 --> 00:28:29,000
बाप रे बाप।

194
00:28:48,541 --> 00:28:50,250
ये तुम्हारे पास कैसे आया?

195
00:28:50,500 --> 00:28:53,666
तुम में से कोई हमारे राज्य में
चोरी छुपे घूस आया था

196
00:28:53,750 --> 00:28:57,500
वो देवसेना को छुड़ाने की कोशिश
कर रहा था। हमने उसे मार डाला।

197
00:28:58,250 --> 00:29:00,791
ये उसके हाथ में था। मैंने उससे ले लिया।

198
00:29:01,333 --> 00:29:03,083
मैं और कुछ नहीं जानता।

199
00:29:03,541 --> 00:29:05,291
मुझे छोड़ दो। मुझे...

200
00:29:14,291 --> 00:29:16,958
कोई निशान ना रहे। सारी लाशें दफ़ना दो।

201
00:29:55,333 --> 00:29:59,750
दिलीप को भी... वीरगती प्राप्त हुई, सरदार।

202
00:30:13,375 --> 00:30:16,333
तुम्हारे आंसु पलकों
से नीचे ना गिरने पायें।

203
00:30:16,958 --> 00:30:21,291
उन राक्षसों ने हमारी
मर्यादा को बेड़ियों में जकड़ कर

204
00:30:21,416 --> 00:30:23,083
नगर के चौराहे पे खड़ा किया।

205
00:30:32,750 --> 00:30:36,208
हमारी रानी देवसेना को क्रुरता से
जानवर की तरह बांध दिया।

206
00:30:43,000 --> 00:30:47,083
माना की हमारा आत्मबल घायल है,
लहूलुहान है, तड़प रहा है।

207
00:30:47,208 --> 00:30:50,708
लेकिन हमारे आँखो से आसु नहीं

208
00:30:50,791 --> 00:30:52,625
अंगारे निकलने चाहिये।

209
00:30:55,375 --> 00:30:57,750
क्या तुम अपनी ली हुई सौगंध भूल गए?

210
00:30:58,291 --> 00:31:00,500
मरते दम तक नहीं भुलेंगे, सरदार।

211
00:31:00,583 --> 00:31:01,791
बात लक्ष्य की हो

212
00:31:01,875 --> 00:31:04,166
-तो चाहे बिजली टुट पड़े...
-हिम्मत ना टूटे।

213
00:31:04,291 --> 00:31:06,541
-पर्वत धरती छोड़ दे...
-साहस ना छूटे।

214
00:31:06,625 --> 00:31:08,583
-सर के टुकड़े हो जाए...
-लक्ष्य एक रहे।

215
00:31:08,666 --> 00:31:10,333
देवसेना की मुक्ती।

216
00:31:14,375 --> 00:31:16,625
अपना लक्ष्य पाने के लिये...

217
00:31:30,291 --> 00:31:32,916
आफत आये या आंसु, कोई चिंता नहीं।

218
00:31:33,458 --> 00:31:36,041
बंधन हो या संबंध, कोई जगह नहीं।

219
00:31:36,166 --> 00:31:38,333
ये देह कुंतल देश के लिये है।

220
00:31:38,500 --> 00:31:40,541
और प्राण देवसेना के लिये।

221
00:31:48,916 --> 00:31:49,958
सरदार।

222
00:31:50,416 --> 00:31:54,500
माहिष्मती में हमने महावीर
कटप्पा के बारे में लोगों से सुना।

223
00:31:55,291 --> 00:31:58,708
सुना कि वो नेक दिल हैं। उनसे सहायता मांगे?

224
00:31:59,041 --> 00:32:01,041
करिकाल कटप्पा नाडार।

225
00:32:01,958 --> 00:32:03,416
वो नेक दिल है।

226
00:32:04,083 --> 00:32:06,833
वो चाहे तो हमारी सहायता कर सकते हैं।

227
00:32:08,500 --> 00:32:11,375
लेकिन करेंगे नहीं।

228
00:32:12,250 --> 00:32:16,000
कटप्पा सिंहासन के गुलाम है।

229
00:32:24,958 --> 00:32:26,291
कटप्पा।

230
00:32:27,500 --> 00:32:30,791
काबूल से हथियारों के सौदागर
शेख़ अस्लम खान आपसे मिलने आये हैं।

231
00:32:42,708 --> 00:32:46,541
ये शमशीर बगदाद की ज़मीनों से
निकले हुए फौलाद से बनी है।

232
00:32:47,166 --> 00:32:49,708
गोलान पहाड़ियों के तपती
हुई भट्ठी में ढ़ली।

233
00:32:50,041 --> 00:32:53,208
पर्शिया के सांसदानों ने
इसकी धार तैयार की है।

234
00:32:55,916 --> 00:32:58,083
दूध पीता बच्चा भी इसे हाथ में ले ले

235
00:32:58,208 --> 00:33:01,041
तो एक झटके में दस दरख़्त काट गिराए।

236
00:33:05,041 --> 00:33:06,875
इसका नाम है सिकंदर।

237
00:33:08,500 --> 00:33:10,208
शान-ए-शमशीर।

238
00:33:16,666 --> 00:33:18,458
अद्भुत है ये शमशीर।

239
00:33:18,541 --> 00:33:22,541
लेकिन मुझे माफ़ करे, अस्लमजी,
हमारी रफ्तार के आगे नहीं टिकेगी।

240
00:33:24,375 --> 00:33:25,958
गुस्ताख़ी।

241
00:33:29,208 --> 00:33:34,166
बदन से बहा ख़ून और तैश में बोली बात,
दोनों वापस नहीं आते, कटप्पा।

242
00:33:35,000 --> 00:33:39,791
मेरे इस तलवार के सामने
अपनी रफ्तार साबित करो।

243
00:34:08,666 --> 00:34:10,791
अब समझे, कटप्पा।

244
00:34:34,250 --> 00:34:37,875
चीन, सीरीया, मंगोलिया, यूनान,
पूरी दुनिया देख ली मैंने।

245
00:34:38,500 --> 00:34:40,500
लेकिन आप जैसा वीर नहीं देखा।

246
00:34:40,916 --> 00:34:44,208
आप के साथ दस्तरख़ान पर बैठना
मेरे लिये फ़क्र की बात होगी।

247
00:34:44,958 --> 00:34:47,625
-आईए, कटप्पा।
-मुझे माफ़ करे, अस्लमजी।

248
00:34:47,708 --> 00:34:52,000
गुलाम को राजघराने के साथ
उठने-बैठने की अनुमती नहीं।

249
00:34:52,166 --> 00:34:53,291
गुलाम?

250
00:34:54,541 --> 00:34:59,083
इतने बड़े हथियार खाने के अधिपति
आप एक गुलाम?

251
00:34:59,208 --> 00:35:01,791
हाँ, अस्लमजी। ऐसा गुलाम कहाँ होगा?

252
00:35:02,166 --> 00:35:04,291
जो युद्ध के लिये हथियार बनाता है।

253
00:35:04,458 --> 00:35:07,416
युद्ध में अपनी जान पर खेलकर
राजा की जान बचाता है।

254
00:35:07,708 --> 00:35:10,916
और युद्ध के बाद
राजा के चरणों में पड़ा रहता है।

255
00:35:13,083 --> 00:35:17,875
बोलिए। आपकी आज़ादी के लिये
महाराज को कितनी कीमत चाहिए?

256
00:35:18,500 --> 00:35:22,000
मैं दस, पचास, सौ गुना देकर
आपकी आज़ादी ख़रीद लूँगा। बोलिए।

257
00:35:23,375 --> 00:35:25,833
इस गुलाम की कोई कीमत नहीं है, अस्लमजी।

258
00:35:26,041 --> 00:35:29,958
मेरे वंश में जन्म लेने वाला
हर कोई माहिष्मती राजसिंहासन की

259
00:35:30,083 --> 00:35:33,708
गुलामी करेगा। ये मेरे पुरखों का वचन है।

260
00:35:34,458 --> 00:35:36,875
वचन देने वाले इस दुनिया
में नहीं रहे और आप...

261
00:35:38,000 --> 00:35:38,916
...अब तक?

262
00:35:39,000 --> 00:35:40,833
वचन देने वाले दुनिया में नहीं रहे

263
00:35:40,916 --> 00:35:44,458
लेकिन उनका वचन आज भी है, अस्लमजी।

264
00:35:44,916 --> 00:35:49,208
ये मिट्टी का ढ़ेर
अब इस मिट्टी की अमानत है।

265
00:35:49,541 --> 00:35:54,958
आपको देखकर पता चलता है कि
वफ़ादारी का भी एक चेहरा होता है, कटप्पा।

266
00:35:56,541 --> 00:35:58,375
कभी कोई जरुरत पड़े

267
00:35:58,541 --> 00:36:01,333
तो भूलना नहीं
कि दुनिया में आपका एक दोस्त भी है।

268
00:36:26,416 --> 00:36:27,666
-वैशाली।
-हाँ।

269
00:36:29,666 --> 00:36:31,500
-कहाँ चली?
-अभी आती हूँ।

270
00:38:18,791 --> 00:38:22,250
अपने लक्ष्य तक पहूँचने का
एक और सुनहरा अवसर हमें मिला है।

271
00:38:22,375 --> 00:38:25,458
आने वाली चतुर्दशी
को भल्लालदेव का जन्म दिवस

272
00:38:25,541 --> 00:38:27,583
बड़ी धुम-धाम से मनाया जायेगा।

273
00:38:27,958 --> 00:38:30,583
पूरा राज्य उत्सव की तयारी में लगा होगा।

274
00:38:32,916 --> 00:38:35,041
रानी देवसेना को छुड़ाने का अवसर...

275
00:38:35,166 --> 00:38:36,666
-सरदार, मुझे एक मौक़ा दीजिए।
-सरदार, मैं जाऊँगा।

276
00:38:36,750 --> 00:38:39,000
-सरदार, मुझे जाने दीजिए।
-सरदार, मैं जाऊँगा।

277
00:38:39,625 --> 00:38:41,541
इस बार अवंतिका को दूँगा।

278
00:38:45,625 --> 00:38:47,083
अवंतिका!

279
00:38:58,833 --> 00:39:00,541
अवंतिका, ये क्या है?

280
00:39:03,750 --> 00:39:05,333
ये कहाँ से आया?

281
00:39:06,375 --> 00:39:09,833
वही से जहाँ तुम संघर्ष को भूल कर
सिंगार की तरफ मुड़ गई।

282
00:39:11,541 --> 00:39:13,625
जिसे अपने शरीर से प्रेम हो

283
00:39:13,708 --> 00:39:15,958
वो अपने प्राण दाव पर नहीं लगा सकता।

284
00:39:16,625 --> 00:39:19,208
तुम इस गौरव के लायक नहीं हो। जाओ!

285
00:39:30,458 --> 00:39:33,500
कायरता के नहीं है मेरे ये आंसू।

286
00:39:34,916 --> 00:39:37,375
और पीड़ा के तो बिल्कुल भी नहीं।

287
00:39:39,375 --> 00:39:43,833
ये मेरा रक्त है जो खौल कर
भाप बन गया और मेरी आंखो से बह निकला।

288
00:39:45,583 --> 00:39:48,791
अगर इन आसुओं की आंच आप तक पहुंच रही हो...

289
00:39:50,833 --> 00:39:52,500
...तो मुझे जाने दीजिए।

290
00:40:01,541 --> 00:40:04,250
दो दिन बाद तुम्हें
कूच करना है। तैयारी करो।

291
00:40:04,583 --> 00:40:07,041
ध्यान से अपना काम पूरा करके आओ, अवंतिका।

292
00:40:07,166 --> 00:40:09,375
अगर तुम सावधान ना रही और पकड़ी गई

293
00:40:09,500 --> 00:40:12,833
तो वो भल्लालदेव तुमको
तड़पा-तड़पा के जान से मार देगा।

294
00:40:41,583 --> 00:40:45,750
माहिष्मती साम्राज्य

295
00:40:46,208 --> 00:40:50,333
सर्वोतम और अजेय

296
00:40:50,791 --> 00:40:55,500
दस दिशाओ में सर्वश्रेष्ठ

297
00:40:55,583 --> 00:41:00,375
सब इसको करते प्रणाम

298
00:41:12,250 --> 00:41:19,041
ख़ुशहाली, वैभवशाली, समृधियाँ निराली

299
00:41:21,500 --> 00:41:26,041
धन्य धन्य है यहाँ प्रजा

300
00:41:26,166 --> 00:41:30,791
शांती का ये स्वर्ग था

301
00:41:40,458 --> 00:41:44,791
माहिष्मती की पताका

302
00:41:44,875 --> 00:41:49,625
सदा यूँ ही गगन चूमे

303
00:41:49,708 --> 00:41:53,625
अश्व दो और सुर्यदेव मिल के

304
00:41:53,708 --> 00:41:58,208
स्वर्ग सिंहासन विराजे

305
00:42:25,750 --> 00:42:29,125
प्रभु, उस सांड को जंगल से लाए हुए
दो दिन बीत चुके हैं।

306
00:42:29,333 --> 00:42:32,625
अभी तक हम उसे वश में नहीं कर सके।
उससे टक्कर लेने में जान का ख़तरा...

307
00:42:32,708 --> 00:42:34,458
महामंत्री,

308
00:42:35,125 --> 00:42:40,541
भल्लालदेव से टकराना है
तो एक नहीं दस सांड बुलाने पड़ेंगे।

309
00:42:41,500 --> 00:42:43,041
आ जाईए आप।

310
00:43:45,041 --> 00:43:46,375
कुचल दो, भल्ला।

311
00:43:50,083 --> 00:43:50,958
हाँ।

312
00:43:56,958 --> 00:43:58,208
मार दीजिए, पिताजी।

313
00:44:09,958 --> 00:44:11,666
दादा, देखा आपने।

314
00:44:11,750 --> 00:44:13,875
महाराज की जय हो।

315
00:44:13,958 --> 00:44:15,750
जय हो। महाराज की जय हो।

316
00:44:15,875 --> 00:44:18,166
जय हो महाराज।

317
00:44:18,250 --> 00:44:20,291
महाराज की जय हो।

318
00:44:20,416 --> 00:44:22,208
जय हो।

319
00:44:54,500 --> 00:44:56,291
भल्लालदेव...

320
00:44:59,958 --> 00:45:00,916
पिताजी।

321
00:45:01,541 --> 00:45:02,666
मार दिया मेरे पिताजी ने।

322
00:45:02,791 --> 00:45:04,958
-कहीं देखा है ऐसा वीर? कहीं देखा है?
-नहीं, युवराज।

323
00:45:12,708 --> 00:45:17,208
तुम्हारी निष्ठा देखकर
मैं सच में हैरान हो जाता हूँ, कटप्पा।

324
00:45:19,958 --> 00:45:23,916
तुम्हारे मन में मेरे लिये कितना द्वेष है
ये मैं जानता हूँ।

325
00:45:26,291 --> 00:45:29,458
फिर भी अपने प्राण संकट में डाल कर
मेरी रक्षा करते हो।

326
00:45:29,750 --> 00:45:31,166
कैसे, कटप्पा?

327
00:45:32,166 --> 00:45:33,833
कैसे करते हो तुम ये?

328
00:45:34,958 --> 00:45:37,541
ठीक है। माँगो क्या मांगते हो?

329
00:45:39,583 --> 00:45:41,291
जो भी चाहो।

330
00:45:44,041 --> 00:45:45,125
प्रभु,

331
00:45:45,375 --> 00:45:51,125
मेरी एक ही विनती है।
25 सालों से देवसेना दंड सह रही है।

332
00:45:52,541 --> 00:45:54,125
उन्हें मुक्त कर दीजिये।

333
00:45:59,833 --> 00:46:03,041
ठीक है। वचन दिया तो दिया।

334
00:46:03,416 --> 00:46:07,500
जाओ। देवसेना को मारकर उसे मुक्त कर दो।

335
00:46:10,291 --> 00:46:15,500
मृत्यु से बड़ी मुक्ती और क्या हो सकती है,
कटप्पा। जाओ।

336
00:46:17,625 --> 00:46:19,083
नहीं।

337
00:46:20,541 --> 00:46:22,583
तो फिर भुगतने दो।

338
00:46:23,708 --> 00:46:26,791
25 साल नहीं, अंतीम सांस तक भुगतने दो।

339
00:47:02,125 --> 00:47:05,958
हे। हे। हे, बुढ़िया। उठ।

340
00:47:13,708 --> 00:47:15,041
हे। उठ।

341
00:47:53,625 --> 00:47:58,750
क्यों, देवसेना, तुम पर होने वाले ज़ुल्म
में कोई कमी तो नहीं रह गई।

342
00:48:01,833 --> 00:48:05,208
तुमने मुझे ठुकराया और उसको चाहा।

343
00:48:06,625 --> 00:48:08,916
अब बताओ कहाँ है वो?

344
00:48:10,791 --> 00:48:13,500
एक बात पुछ्ता हूँ, सच बताना, देवसेना।

345
00:48:14,083 --> 00:48:15,791
इतने सालों में किसी ने भी,

346
00:48:15,916 --> 00:48:20,583
कभी भी, कहीं भी उसका नाम तक पुकारा है।

347
00:48:23,250 --> 00:48:26,833
उन अंधेरी रातों में,
कैदख़ानों के सन्नाटों में

348
00:48:27,583 --> 00:48:30,250
क्या तुम्हें अपनी बेड़ियों की गूंज में

349
00:48:30,333 --> 00:48:32,916
कभी भी उसका नाम सुनाई दिया।

350
00:48:37,916 --> 00:48:39,041
नहीं।

351
00:48:40,791 --> 00:48:43,583
माहिष्मती भूल चुका है, देवसेना।

352
00:48:43,958 --> 00:48:46,416
उसका नाम सिर्फ़ ज़ुबानों से नहीं

353
00:48:46,958 --> 00:48:49,083
यादों से भी मिट चुका है।

354
00:48:50,750 --> 00:48:53,833
इस राज्य में सिर्फ़
दो लोग उसका नाम लेते हैं।

355
00:48:54,541 --> 00:48:56,458
तुम और मैं।

356
00:48:57,208 --> 00:49:00,708
तुम की अपनी मौत से
पहले उसे आख़िरी बार देख पाओ।

357
00:49:02,083 --> 00:49:04,333
मैं ताकि एक बार और उसे अपने हाथों

358
00:49:04,458 --> 00:49:06,208
से मार पाऊ।

359
00:49:08,958 --> 00:49:11,291
दोनों की इच्छाएँ अधुरी है।

360
00:50:29,750 --> 00:50:30,958
माँ देवसेना।

361
00:50:33,375 --> 00:50:35,125
इस बार तो मान जाईए।

362
00:50:35,583 --> 00:50:36,958
आप आज्ञा दें

363
00:50:37,041 --> 00:50:39,500
तो बेड़ियाँ तोड़ कर आपको मुक्त कर दूँ।

364
00:50:41,958 --> 00:50:44,250
क्या जीवनभर आप क़ैदी बनी रहेंगी?

365
00:50:46,583 --> 00:50:48,125
नहीं, कटप्पा।

366
00:50:48,958 --> 00:50:53,916
मेरा बेटा आयेगा।
वही मुझे छुड़ा कर ले जाएगा।

367
00:50:56,083 --> 00:50:58,416
मरा हुआ बेटा कैसे आएगा, माँ।

368
00:50:58,958 --> 00:51:00,625
मेरा बेटा जीवित है।

369
00:51:02,208 --> 00:51:04,583
वो मुझे ढूँढ़ता हुआ ज़रुर आएगा।

370
00:51:04,750 --> 00:51:06,750
जो बेटा जीवित ही नहीं है

371
00:51:06,875 --> 00:51:09,541
उसकी प्रतिक्षा में आप
क्यों इतना कष्ट भोग रही हैं?

372
00:51:10,958 --> 00:51:12,791
इस भ्रम से निकलिए, माँ।

373
00:51:13,125 --> 00:51:16,500
आपको मुक्त करवाने का अवसर
मुझे बार-बार नहीं मिलेगा।

374
00:51:17,333 --> 00:51:20,375
रात के पहरेदार किसी भी समय यहाँ आ जाएंगे।

375
00:51:20,500 --> 00:51:21,750
मान जाईए।

376
00:51:23,041 --> 00:51:24,625
मान जाईए, माँ।

377
00:51:25,916 --> 00:51:30,250
मैं आप से विनती कर रहा हूँ
और आप ये क्या पागलपन कर रही हैं?

378
00:51:41,750 --> 00:51:47,041
मेरा लकड़ियाँ बटोरना
तुम्हें पागलपन लगता है ना, कटप्पा?

379
00:51:48,708 --> 00:51:50,250
चिता सजा रही हूँ।

380
00:51:55,500 --> 00:51:59,666
भल्लालदेव का रक्त, प्राण, हड्डियाँ, शरीर

381
00:51:59,791 --> 00:52:04,375
सबको भस्म करने के लिये चिता सजा रही हूँ।

382
00:52:07,583 --> 00:52:09,291
मेरा बेटा आएगा।

383
00:52:09,416 --> 00:52:12,791
और उस दरिंदे को खींच
कर इस चिता पर लिटाएगा।

384
00:52:13,041 --> 00:52:18,125
मेरा बेटा उस भल्लालदेव की
चिता को मेरे हाथो से अग्नि दिलाएगा।

385
00:52:18,750 --> 00:52:21,500
मृत्यु के भय से जब वो चिलाएगा

386
00:52:22,166 --> 00:52:25,541
तो माहिष्मती महल की दीवारें दहल उठेंगी।

387
00:52:26,791 --> 00:52:28,791
मेरा बेटा आएगा।

388
00:52:42,166 --> 00:52:43,500
क्या हुआ, अवंतिका?

389
00:52:44,250 --> 00:52:47,416
कल यहीं उसने मेरे हाथ पर
चिन्हा गोद दिया था।

390
00:52:49,250 --> 00:52:52,500
मुझे देखकर वो फिर आएगा।

391
00:54:38,250 --> 00:54:40,958
अवंतिका, ये क्या है तुम्हारे कंधे पर?

392
00:54:50,583 --> 00:54:51,875
अवंति...

393
00:54:52,166 --> 00:54:54,458
-तू जा, मैं आती हूँ।
-अवंति, सुनो।

394
00:55:20,166 --> 00:55:22,500
कंधे पर मेरी कला देखी। पसन्द आई ना?

395
00:55:24,750 --> 00:55:27,291
यूं मूँह लटकाये काहे बैठी हो?
हस नहीं सकती?

396
00:55:40,375 --> 00:55:41,625
बाप रे बाप।

397
00:55:41,750 --> 00:55:43,583
हे तीर क्यों चला रही है?

398
00:55:43,708 --> 00:55:45,458
मेरी जान लेना चाहती है क्या?

399
00:55:47,458 --> 00:55:50,333
-कौन हो तुम?
-हाँ, ये है ना सही सवाल।

400
00:55:50,458 --> 00:55:52,375
मेरा नाम शिवा है। अम्बोली गांव से आया हूँ।

401
00:55:52,500 --> 00:55:54,166
तुम्हारे लिये वो जल पर्वत चढ़ के...

402
00:55:59,416 --> 00:56:00,708
क्या लड़की है।

403
00:56:25,708 --> 00:56:30,125
इसलिये कहते हैं बात माननी चाहिये।
देख लिया ना। ऐसे ही गड्ढ़े मे गिर गई।

404
00:56:33,500 --> 00:56:34,625
अवंतिका।

405
00:56:43,833 --> 00:56:47,125
-अब बोल, कौन है तू?
-मैं सच कह रहा हूँ।

406
00:56:47,208 --> 00:56:48,708
-मैं वो जल पर्वत चढ़ के...
-चुप।

407
00:56:49,333 --> 00:56:51,583
केवल महाशिव ही ऐसा कर सकते हैं।

408
00:56:51,708 --> 00:56:53,416
वही तो। मैं शिव ही तो हूँ।

409
00:56:57,750 --> 00:57:01,083
बताता हूँ। सब बताता हूँ।
सारी बात बताता हूँ।

410
00:57:03,125 --> 00:57:05,791
लेकिन उससे पहले एक बात पूछनी है?

411
00:57:05,958 --> 00:57:07,875
-क्या है?
-तुम कौन हो?

412
00:57:09,541 --> 00:57:11,750
तुम... कौन हो?

413
00:57:18,875 --> 00:57:19,875
हाथ में तलवार,

414
00:57:19,958 --> 00:57:23,458
बदन पे कवच,
चेहरे पे गुस्सा, आँख में अंगार।

415
00:57:24,166 --> 00:57:26,875
ऊपर जो मुखौटा है
उसके बारे में नहीं पुछ रहा हूँ।

416
00:57:26,958 --> 00:57:30,750
उसके पीछे... सच में तुम कौन हो?

417
00:57:35,416 --> 00:57:36,333
मैं बताऊँ?

418
00:57:39,500 --> 00:57:42,541
तुम एक लड़की हो, मैं एक लड़का।

419
00:57:45,250 --> 00:57:46,958
मैं तुम्हें प्यार करने आया हूँ।

420
00:58:26,125 --> 00:58:28,416
अब... अब दर्द हुआ।

421
01:00:38,708 --> 01:00:40,041
ये तो मेरा...

422
01:00:41,500 --> 01:00:43,166
झरने के पास गिर गया था।

423
01:00:46,041 --> 01:00:50,958
मतलब तुम सचमुच सारे
पर्वत पार करके यहाँ आये?

424
01:00:53,333 --> 01:00:54,458
मेरे लिये?

425
01:00:56,375 --> 01:00:59,500
इसके पिछे जो मुस्कान है
वही देखने तो आय था इतनी दूर से।

426
01:01:01,708 --> 01:01:03,291
लेकिन अब तक दिखी नहीं।

427
01:01:27,833 --> 01:01:32,791
पंछी बोले है क्या
पिया, सुन, ले चलो

428
01:01:32,875 --> 01:01:38,875
प्यास बढ़ती रहे, प्यार होता रहे

429
01:01:40,666 --> 01:01:45,541
आज दिल से सदा आ रही है सुनो

430
01:01:45,666 --> 01:01:50,833
इश्क जगता रहे, वक़्त सोता रहे

431
01:01:50,916 --> 01:01:55,833
इतने दिन मैं जिया क्या जीया

432
01:01:55,916 --> 01:02:00,583
अब तो जीना है तेरे लिये

433
01:02:00,958 --> 01:02:05,958
दिल ने दिल से ये वादा किया

434
01:02:06,083 --> 01:02:11,166
सौ जनम भी लूँ तेरे लिये

435
01:02:11,291 --> 01:02:16,208
पंछी बोले है क्या
पिया, सुन, ले चलो

436
01:02:16,291 --> 01:02:22,208
प्यास बढ़ती रहे, प्यार होता रहे

437
01:02:43,083 --> 01:02:47,875
तू कहे तो आसमानों पे लिख दूँ

438
01:02:48,208 --> 01:02:52,833
उम्र भर को अब तो होना जुदा

439
01:02:52,958 --> 01:02:57,958
सब लिख दू आँखो से

440
01:02:58,250 --> 01:03:02,958
आँखों से दिल पे लिख

441
01:03:03,041 --> 01:03:07,250
इश्क तो प्यारा है प्यारा, यारा

442
01:03:07,333 --> 01:03:12,458
इतने दिन मैं जिया क्या जीया

443
01:03:12,583 --> 01:03:17,500
अब तो जीना है तेरे लिये

444
01:03:17,625 --> 01:03:22,208
दिल ने दिल से ये वादा किया

445
01:03:22,833 --> 01:03:27,333
फिर जनम मैं लू तेरे लिये

446
01:03:27,916 --> 01:03:32,791
पंछी बोले है क्या
पिया, सुन, ले चलो

447
01:03:32,875 --> 01:03:37,958
प्यास बढ़ती रहे, प्यार होता रहे

448
01:03:38,083 --> 01:03:43,125
आज दिल से सदा आ रही है सुनो

449
01:03:43,208 --> 01:03:49,125
इश्क जगता रहे, वक़्त सोता रहे

450
01:04:11,291 --> 01:04:15,125
ब्रह्मांड के इतिहास में
ना भूतों ना भविष्यति

451
01:04:15,208 --> 01:04:17,708
पचास गज ऊंची स्वर्ण प्रतिमा।

452
01:04:18,333 --> 01:04:21,291
देवताओं को भी ये स्वभाग्य
प्राप्त नहीं होता।

453
01:04:21,416 --> 01:04:23,458
इसकी प्रतिष्ठा होते ही

454
01:04:23,541 --> 01:04:26,500
आपके पुत्र महाराज भल्लालदेव की कीर्ति

455
01:04:26,625 --> 01:04:29,125
दसो दिशाओं में व्याप्त हो जाएगी।

456
01:04:30,500 --> 01:04:34,208
-क्या सारी तैयारियाँ पूरी हो गई?
-हाँ, प्रभु। सब पूरी हुई।

457
01:04:34,291 --> 01:04:36,416
स्थापना समारोह अद्भुत होगा।

458
01:04:36,500 --> 01:04:40,375
समस्त ब्रह्मांड करतल
ध्वनी से गुंज उठेगा, प्रभु।

459
01:05:04,791 --> 01:05:06,125
अवंति...

460
01:05:43,958 --> 01:05:45,291
ढूँढ़ो।

461
01:06:20,958 --> 01:06:22,208
प्रतिघात।

462
01:07:22,541 --> 01:07:24,333
बाहुबली।

463
01:07:26,333 --> 01:07:31,291
प्रभु। प्रभु। मुझे क्षमा करो, प्रभु।
मुझे मत मारो।

464
01:07:31,416 --> 01:07:35,250
प्रभु, मुझे क्षमा करो। प्रभु।

465
01:07:43,000 --> 01:07:44,500
क्षमा कर दो।

466
01:09:22,291 --> 01:09:23,375
शिवा...

467
01:10:13,250 --> 01:10:15,750
मुझे... मुझे क्षमा कर दो, शिवा।

468
01:10:16,833 --> 01:10:18,500
मुझे और कुछ नहीं सुझा।

469
01:10:19,583 --> 01:10:22,958
मैं तुम्हें नहीं छोड़ सकती।
लेकिन अपने लक्ष्य को भी...

470
01:10:23,500 --> 01:10:25,458
तुम मेरी हो, अवंतिका।

471
01:10:26,333 --> 01:10:28,500
और तुमसे जुड़ी हर चीज़ मेरी है।

472
01:10:30,500 --> 01:10:32,541
तुम्हारा लक्ष्य भी मेरा है।

473
01:10:42,708 --> 01:10:45,291
वो देवसेना कौन है मैं नहीं जानता।

474
01:10:45,791 --> 01:10:47,958
लेकिन अगर तुम उसकी मुक्ति चाहती हो...

475
01:10:50,250 --> 01:10:51,791
...मैं ले आऊंगा।

476
01:10:53,791 --> 01:10:55,250
वचन देता हूँ।

477
01:11:00,416 --> 01:11:05,041
जल रही है चिता, सांसो में है धुंआ

478
01:11:05,166 --> 01:11:09,375
फिर भी आस मन में है जगी

479
01:11:09,833 --> 01:11:14,291
भोर होगी क्या कभी यहाँ

480
01:11:14,500 --> 01:11:19,166
पुछती यही ये बेड़ियां

481
01:11:19,291 --> 01:11:24,291
देख तो कौन है ये?

482
01:12:23,625 --> 01:12:27,416
माहिष्मती, चैन की सांस लो।

483
01:12:28,416 --> 01:12:30,375
मेरा बेटा आ गया।

484
01:12:31,125 --> 01:12:33,041
बाहुबली लौट आया।

485
01:13:00,958 --> 01:13:03,416
चलो। जल्दी चलो।

486
01:13:53,791 --> 01:13:56,541
राजा की मूर्ति खड़ी हो
तो सब जय जयकार करेंगे।

487
01:13:57,500 --> 01:14:00,000
राजा की मूर्ति खड़ी हो
तो सब जय जयकार करेंगे।

488
01:14:45,375 --> 01:14:47,000
कोई चिंता नहीं।

489
01:14:47,250 --> 01:14:49,166
पचास गज की प्रतिमा

490
01:14:49,291 --> 01:14:51,958
क्या 100-200 लोगों की बलि नहीं माँग सकती?

491
01:15:54,458 --> 01:15:55,625
धन्यवाद।

492
01:16:06,416 --> 01:16:07,916
बाहुबली।

493
01:16:09,166 --> 01:16:12,375
-बाहुबली?
-बाहुबली।

494
01:16:12,500 --> 01:16:14,916
-बाहुबली।
-बाहुबली।

495
01:16:22,500 --> 01:16:24,875
बाहुबली। बाहुबली।

496
01:16:49,291 --> 01:16:50,750
हे।

497
01:16:51,291 --> 01:16:52,583
कौन है वो?

498
01:16:56,833 --> 01:16:59,416
बाहुबली। बाहुबली।

499
01:18:09,541 --> 01:18:10,875
बाहुबली?

500
01:19:06,333 --> 01:19:09,375
-हे, यहाँ आओ। ये पकड़ो।
-पंद्रह दिन हो गये मेरे बेटे को गये हुये।

501
01:19:09,541 --> 01:19:11,333
वो अभी तक वापस नहीं लौटा।

502
01:19:11,458 --> 01:19:13,333
क्या जाने किस हाल में होगा।

503
01:19:13,458 --> 01:19:15,250
शिवलिंग उठा लिया था शिवा ने।

504
01:19:15,333 --> 01:19:16,250
उसको क्या होगा?

505
01:19:16,333 --> 01:19:18,750
कुछ नहीं हुआ तो वो वापस क्यों नहीं लौटा?

506
01:19:18,833 --> 01:19:21,375
हो सकता है उसे अपने लोग मिल गये हो।

507
01:19:21,500 --> 01:19:23,583
वो जान गया हो कि हम लोग उसके सगे नहीं है।

508
01:19:23,666 --> 01:19:25,000
-वो वापस नहीं आएगा?
-सांगा...

509
01:19:25,125 --> 01:19:26,541
मुझे माँ कह के नहीं बुलाएगा?

510
01:19:26,625 --> 01:19:28,583
हे, जल्दी-जल्दी हाथ चलाओ।

511
01:19:42,458 --> 01:19:43,708
आ जाओ सब लोग।

512
01:19:52,250 --> 01:19:55,916
मेरे आंसुओं की आंच देखकर
आपने मुझ पे भरोसा किया था।

513
01:19:56,041 --> 01:19:59,250
अब मेरी हिम्मत देखकर
एक बार और मुझ पे भरोसा कीजिए।

514
01:19:59,916 --> 01:20:04,208
मेरा शिवा रानी देवसेना को छुड़ा लाएगा।
मेरे साथ आईए।

515
01:20:06,583 --> 01:20:07,500
ठीक है।

516
01:20:12,333 --> 01:20:16,500
महासेना

517
01:20:21,416 --> 01:20:25,708
धर्म का मार्ग दिखाने वाले
बाहुबली नहीं रहे ये कौन कहता है?

518
01:20:32,416 --> 01:20:34,833
मैं जीवित हो के भी मर चुका हूँ।

519
01:20:36,125 --> 01:20:40,208
और आप मरने के बाद भी
लोगों के मन में जीवित हैं।

520
01:20:46,083 --> 01:20:49,500
बाहुबली। बाहुबली।

521
01:20:50,583 --> 01:20:54,333
बाहुबली के नाम की
चारों ओर प्रतिध्वनि सुन के

522
01:20:54,958 --> 01:21:00,458
लगता है मेरी नहीं
उसकी प्रतिमा स्थापित हो रही है।

523
01:21:01,291 --> 01:21:03,958
लोगों के मन में दबी बात बाहर आई...

524
01:21:08,166 --> 01:21:10,500
...या फिर कोई उनके सामने आया।

525
01:21:11,500 --> 01:21:13,291
असंभव।

526
01:21:14,791 --> 01:21:17,250
वहाँ पहरे पर बैठे हुए
रक्षकों को बुलाकर पुछेंगे

527
01:21:17,375 --> 01:21:18,708
कि ये नाम क्यों निकला
और किसके मुँह से निकला

528
01:21:18,791 --> 01:21:19,833
तो पता चलेगा ना, दादा।

529
01:22:00,250 --> 01:22:01,875
हे, तुम यहाँ क्या कर रहे हो?

530
01:22:01,958 --> 01:22:02,916
-वो मैं...
-महाराज बुला रहे हैं।

531
01:22:03,041 --> 01:22:03,958
चलो।

532
01:22:16,666 --> 01:22:20,333
आज उन लोगों में बाहुबली का नाम
सबसे पहले किसने लिया था?

533
01:22:25,166 --> 01:22:27,916
दीवारों से नहीं, तुम लोगों से पूछ रहा हूँ।

534
01:22:28,041 --> 01:22:31,375
तुम लोग मुँह से कुछ बोलोगे
या फिर मैं ज़बान काट दूँ।

535
01:22:31,916 --> 01:22:35,958
-हमने नहीं किया, प्रभु। हम नहीं जानते।
-बंद करो।

536
01:22:38,041 --> 01:22:40,541
गधों की इस झुंड में किसी ने भी नहीं देखा।

537
01:22:40,625 --> 01:22:42,208
मैंने देखा, महाराज।

538
01:23:28,750 --> 01:23:33,333
वो आँखे। उन आँखों को मैंने कहीं देखा है।

539
01:23:34,500 --> 01:23:38,625
-भद्रा, मुझे वो जीवित चाहिए।
-चलो।

540
01:23:52,833 --> 01:23:54,625
हे, कौन हो तुम?

541
01:24:11,208 --> 01:24:12,916
ये रहा! पकड़ो इसे!

542
01:25:47,958 --> 01:25:49,208
सावधान करो।

543
01:26:06,250 --> 01:26:07,916
मैं आपको छुड़ाने आया हूँ, माँ।

544
01:26:09,666 --> 01:26:12,500
कटप्पा, महल के भीतर
कोई हत्यारा प्रवेश कर गया है।

545
01:26:12,583 --> 01:26:14,250
उसने राज भवन को आग लगा दी है।

546
01:26:14,375 --> 01:26:16,041
आप लोग उत्तर दिशा की ओर चलिए।

547
01:26:34,291 --> 01:26:37,500
कटप्पा, मुझे वो जीवित चाहिए।
उसके हाथ पैर कट भी जायें।

548
01:26:37,583 --> 01:26:40,416
-जी, युवराज।
-फिर भी मुझे वो जीवित चाहिए...

549
01:26:43,166 --> 01:26:44,458
चलो।

550
01:26:52,375 --> 01:26:53,750
अरे तुरई।

551
01:28:02,958 --> 01:28:04,291
प्रतिघात।

552
01:29:07,291 --> 01:29:09,833
हे... उठ। उठ!

553
01:29:12,083 --> 01:29:14,166
कमीनी बुढ़िया।

554
01:29:16,458 --> 01:29:19,916
इतने सालों से अपने बदचलनी
का दंड भुगत रही है, अब तक सुधरी नहीं।

555
01:29:22,583 --> 01:29:26,750
जहाँ मर्द देखा वहीं पर...
लार टपकाते हुए दौड़ पड़ेगी।

556
01:30:33,958 --> 01:30:36,541
कटप्पा, मुझे वो मार देगा, कटप्पा।
कटप्पा, मुझे मार देगा...

557
01:30:36,625 --> 01:30:38,125
युवराज...

558
01:30:38,208 --> 01:30:40,541
आपकी रक्षा करना मेरा धर्म है।

559
01:30:42,958 --> 01:30:45,500
उसे आप तक पहुँचने से पहले...

560
01:30:47,750 --> 01:30:49,458
...मुझसे टकराना होगा।

561
01:30:55,666 --> 01:30:56,708
कटप्पा...

562
01:31:56,666 --> 01:31:58,041
कटप्पा।

563
01:31:59,291 --> 01:32:00,541
कटप्पा।

564
01:32:11,416 --> 01:32:12,625
देवसेना।

565
01:32:15,666 --> 01:32:16,916
प्रतिघात।

566
01:32:17,041 --> 01:32:19,583
वो देवसेना के लिये आ रहे हैं। रोको उन्हें।

567
01:32:19,666 --> 01:32:21,416
जय भवानी।

568
01:32:53,375 --> 01:32:54,708
शिवा...

569
01:33:00,125 --> 01:33:01,500
सिद्धा...

570
01:33:13,916 --> 01:33:17,916
महासेना

571
01:33:20,583 --> 01:33:24,500
महासेना

572
01:33:28,583 --> 01:33:32,083
महासेना

573
01:34:30,375 --> 01:34:31,750
अनिला।

574
01:35:15,500 --> 01:35:19,583
बाहुबली।

575
01:36:44,416 --> 01:36:47,166
हमारी मरी हुई आशा को जीवन दे के

576
01:36:47,250 --> 01:36:50,125
महावीर बना के आपने हमें लौटा दिया।

577
01:36:50,208 --> 01:36:55,500
जनम-जनम तक माहिष्मती साम्राज्य
आपका ऋणी रहेगा।

578
01:37:13,041 --> 01:37:14,958
आज मेरी माँ की आँखों में

579
01:37:15,750 --> 01:37:17,958
ममता की जगह हमदर्दी क्यों है?

580
01:37:21,500 --> 01:37:23,166
ये लोग जिन से मैं अनजान हूँ

581
01:37:23,250 --> 01:37:25,000
मैं इनका भगवान कैसे बन गया।

582
01:37:27,583 --> 01:37:29,791
जिस माँ को मैंने कभी देखा भी नहीं,

583
01:37:30,375 --> 01:37:32,250
उसके घाव देखकर

584
01:37:33,833 --> 01:37:38,208
मेरी आँखों में आंसू क्यों आ गये? क्यों?

585
01:37:39,500 --> 01:37:40,833
मैं हूँ कौन?

586
01:37:42,208 --> 01:37:46,916
हमारे भगवान अमरेन्द्र बाहुबली का
अंश हो तुम।

587
01:37:48,333 --> 01:37:51,125
अपने माँ देवसेना के 25 वर्षों की

588
01:37:51,250 --> 01:37:53,125
प्रतिक्षा का परिणाम हो तुम।

589
01:37:54,875 --> 01:37:56,541
राजमाता शिवगामी देवी

590
01:37:56,625 --> 01:38:00,333
के बलिदान का... फल हो तुम।

591
01:38:00,500 --> 01:38:03,958
इस इतिहास का आरम्भ
50 वर्ष पहले हुआ था, बेटा।

592
01:38:04,333 --> 01:38:06,666
माहिष्मती के राज सिंहासन पर तुम्हारे

593
01:38:06,750 --> 01:38:09,291
दादा महाराज विक्रमदेव विराजमान हुये।

594
01:38:09,875 --> 01:38:12,875
राजा के बड़े भाई बिज्जलदेव के
अवगुणों के कारण

595
01:38:12,958 --> 01:38:14,958
उन्हें सिंहासन नहीं सौंपा गया।

596
01:38:15,083 --> 01:38:20,500
लेकिन बिज्जल ने ये मान लिया कि अपाहिज होने
की वजह से उनके साथ भेदभाव किया गया है।

597
01:38:20,833 --> 01:38:23,958
उनके मन में क्रोध की अग्नि दहकती रही।

598
01:38:25,333 --> 01:38:29,000
एक दिन अचानक राजा की अकाल मृत्यु हो गई।

599
01:38:29,500 --> 01:38:32,625
पीछे छूट गई उनकी संतान जैसी प्रजा।

600
01:38:32,708 --> 01:38:35,958
और वो पत्नी जो छह माह गर्भवती थी।

601
01:38:36,083 --> 01:38:39,541
तीन महीने तक माहिष्मती
शोक के सागर में डुबा रहा।

602
01:38:40,083 --> 01:38:43,625
राज्य को संभालने का उत्तरदायित्व
महाराज की भाभी

603
01:38:43,708 --> 01:38:47,375
और बिज्जलदेव की पत्नी शिवगामी ने
अपने कंधो पे ले लिया।

604
01:38:48,500 --> 01:38:50,000
वो अपनी सुझ-बुझ और

605
01:38:50,125 --> 01:38:52,041
कौशल से माहिष्मती की रक्षा

606
01:38:52,166 --> 01:38:54,375
अपने बच्चे की तरह करने लगी।

607
01:38:55,416 --> 01:38:58,250
लेकिन कपटी भेड़ीयों की चिख पुकार

608
01:38:58,375 --> 01:39:00,958
उनके कानों तक भी पहुँचती थी।

609
01:39:01,916 --> 01:39:04,333
वो भाद्रपद अमावस का दिन था।

610
01:39:04,625 --> 01:39:07,541
जब महरानी एक बच्चे को जन्म देने वाली थी।

611
01:39:14,541 --> 01:39:16,833
महारानी को बचा नहीं पाये, माँ।

612
01:39:21,708 --> 01:39:23,125
पुत्र हुआ है।

613
01:39:48,416 --> 01:39:49,708
बाहुबली।

614
01:39:55,458 --> 01:39:59,750
क्या यह सिंहासन राजा के बिना
विधवा की मांग जैसा सुना नहीं लगता?

615
01:40:00,000 --> 01:40:03,458
तो क्यों ना इस पर विराजमान होकर
मैं इसे फिर से सुहागन कर दूँ।

616
01:40:03,541 --> 01:40:05,333
जय हो मार्तंड की।

617
01:40:05,458 --> 01:40:09,375
आप सब ने वचन दिया था कि आप
माहिष्मती के वफ़ादार बन कर रहेंगे।

618
01:40:09,625 --> 01:40:12,166
महाराज के मृत्यु के इस कठीन समय में

619
01:40:12,291 --> 01:40:15,125
राज विद्रोह करना
क्षत्रिय धर्म नहीं है, मार्तंड।

620
01:40:15,250 --> 01:40:18,666
शाषन को अपने हाथ में लेना
ही क्षत्रिय धर्म है, महामंत्री।

621
01:40:29,208 --> 01:40:30,583
शिवगामी देवी!

622
01:40:50,750 --> 01:40:54,833
जो राज परिवार के वफ़ादार हैं
इस तरफ आ जायें।

623
01:40:55,500 --> 01:40:57,958
औरत के पीछे कौन खड़ा होगा, शिवगामी?

624
01:41:08,958 --> 01:41:10,458
कटप्पा।

625
01:41:14,500 --> 01:41:17,541
इनके कपट से माहिष्मती मैली हो गई।

626
01:41:18,333 --> 01:41:20,250
रक्त से नहला दो!

627
01:41:29,333 --> 01:41:30,625
वो हमारे लोगों को मार रहा है,

628
01:41:30,708 --> 01:41:32,250
तुम लोग क्या देख रहे हो?

629
01:41:35,125 --> 01:41:39,291
जाओ। उस गुलाम और इस शिवगामी को मार डालो!

630
01:41:40,500 --> 01:41:42,500
मारो। इस कटप्पा को मार डालो!

631
01:42:00,791 --> 01:42:05,166
मेरे ही लोगों को भड़का दिया।
कैसा षड़यंत्र रचा तुने।

632
01:42:08,375 --> 01:42:12,500
ये षड़यंत्र नहीं, मार्तंड। राजतंत्र है।

633
01:42:28,083 --> 01:42:31,000
देवी, आपकी युद्धनीति और राजनीति

634
01:42:31,125 --> 01:42:32,666
हमने अपनी आँखों से देखी है।

635
01:42:32,750 --> 01:42:36,166
आप इस सिंहासन पर विराजीए
और इस राज्य का पालन कीजिए।

636
01:42:36,500 --> 01:42:39,791
नहीं, महामंत्री। वह मेरा स्थान नहीं है।

637
01:42:39,916 --> 01:42:40,791
फिर किसका है, देवी?

638
01:42:40,875 --> 01:42:43,416
ये कैसे पुछ सकते हो, महामंत्री?

639
01:42:43,500 --> 01:42:47,916
उस सिंहासन के लिये ही तो जन्मा है
मेरा पुत्र भल्लालदेव।

640
01:42:48,333 --> 01:42:49,791
बोलो, शिवगामी।

641
01:43:10,083 --> 01:43:14,125
मेरे दोनों पुत्रों का इस सिंहासन पर
समान अधिकार है।

642
01:43:14,708 --> 01:43:20,458
इनमें से बड़ा होकर जो भी महावीर बनेगा,
देशवासियों का मान-सम्मान जितेगा,

643
01:43:20,625 --> 01:43:22,666
वही महाराजा कहलायेगा।

644
01:43:24,500 --> 01:43:27,791
ये मेरा वचन है। मेरा वचन ही है शासन!

645
01:43:32,500 --> 01:43:37,291
ममता से भरी

646
01:43:39,000 --> 01:43:42,958
तुझे छाँव मिली

647
01:43:44,333 --> 01:43:48,500
जुग-जुग जीना

648
01:43:50,833 --> 01:43:54,541
तू बाहुबली

649
01:44:05,208 --> 01:44:10,583
है जहाँ विष और अमृत भी

650
01:44:12,333 --> 01:44:19,208
मन वो मंथन स्थली

651
01:44:31,875 --> 01:44:35,916
माहिष्मती का वंसज वो

652
01:44:36,000 --> 01:44:40,666
जिसे कहते बाहुबली

653
01:44:43,708 --> 01:44:46,666
रण में वो ऐसे टूटे

654
01:44:46,750 --> 01:44:47,875
अभी के लिय विश्राम।

655
01:44:47,958 --> 01:44:51,500
जैसे टूटे कोई बिजली

656
01:44:58,708 --> 01:45:01,000
कटप्पा, बहुत भुख लगी है।

657
01:45:01,125 --> 01:45:02,250
मुझे भी खिला दो।

658
01:45:02,708 --> 01:45:04,083
युवराज।

659
01:45:04,750 --> 01:45:06,875
आप सब खड़े क्यों हो गये? बैठिये।

660
01:45:09,500 --> 01:45:10,666
अब खिलाईये।

661
01:45:11,833 --> 01:45:14,583
युवराज! आपका यहाँ आना ऊचित नहीं।

662
01:45:14,666 --> 01:45:16,583
और हमारे साथ बैठना तो बिल्कुल भी नहीं।

663
01:45:17,625 --> 01:45:20,125
भुख लगी है तो बातों से पेट भरोगे क्या?

664
01:45:20,958 --> 01:45:23,875
युवराज, आपके लिये राजमंदिर में
पांच पकवान तयार है।

665
01:45:23,958 --> 01:45:26,666
तो होंगे। लेकिन इस खाने में क्या ग़लत है।

666
01:45:26,750 --> 01:45:28,416
महक से तो मुंह में पानी आ रहा है।

667
01:45:28,958 --> 01:45:31,333
ग़लत क्या है आप जानते हैं, युवराज।

668
01:45:31,458 --> 01:45:34,458
आप राजकुटुम्ब के हैं और हम छोटी जाती।

669
01:45:34,541 --> 01:45:38,250
तो फिर ठीक है।
माहिष्मती का युवराज आपको आदेश दे रहा है।

670
01:45:40,750 --> 01:45:42,000
खिला दो, मामा।

671
01:46:17,541 --> 01:46:19,875
तलवारे जब वो लहराये

672
01:46:19,958 --> 01:46:22,291
छिन्न-भिन्न मस्तक हो जाये।

673
01:46:22,416 --> 01:46:24,625
शत्रु दल ये सोच ना पाये

674
01:46:24,708 --> 01:46:31,583
जाये बच के कहाँ

675
01:47:03,125 --> 01:47:04,500
भल्लालदेव!

676
01:47:15,833 --> 01:47:17,416
क्या बात है, भल्ला।

677
01:47:18,458 --> 01:47:21,500
जब मैं राजा बनुँगा तुम होगे मेरे सेनापति।

678
01:47:45,208 --> 01:47:47,333
अस्त्र विद्या और शास्त्र ज्ञान में

679
01:47:47,458 --> 01:47:48,916
हमारे दोनों युवराज

680
01:47:49,000 --> 01:47:50,875
एक समान सिद्ध हुए।

681
01:47:51,125 --> 01:47:56,375
तो हमारे होने वाले महाराज का निर्णय
आप कैसे करेंगी, राजमाता?

682
01:47:58,541 --> 01:48:01,625
परमेश्वर मेरे दोनों पुत्रो पर
समान कृपा करके

683
01:48:01,708 --> 01:48:03,833
मेरी परीक्षा ले रहा है।

684
01:48:03,916 --> 01:48:07,458
ये निर्णय लेने में
कि ज्यादा होनहार कौन है?

685
01:48:07,750 --> 01:48:11,541
महामंत्री!
आगे की चुनौतियाँ और कड़ी कर दीजिए।

686
01:48:18,916 --> 01:48:21,875
किसे राजा बनाया जाये
ये निर्णय अभी हुआ भी नहीं

687
01:48:21,958 --> 01:48:24,958
और राजमाता के सामने एक नई समस्या आ गई।

688
01:48:25,083 --> 01:48:28,458
उनके विश्वासपात्र साकेत के रुप में।

689
01:48:31,083 --> 01:48:35,083
साकेत ने पेहरेदारों को मार दिया
और सेना के रहस्य चुरा के भाग गया, राजमाता।

690
01:48:37,458 --> 01:48:39,875
-युवराजों को इसी वक़्त सूचित करो।
-जो आज्ञा।

691
01:48:40,458 --> 01:48:43,125
दोनों युवराज माहिष्मती के सीमाओं के पार

692
01:48:43,250 --> 01:48:46,041
दुर देश के राज्यों में
राज्यद्रोही को ढ़ूंढ़ते रहे।

693
01:48:46,208 --> 01:48:48,750
तभी उन्हें सुचना मिली की राज्यद्रोही

694
01:48:48,833 --> 01:48:50,833
सिंगपुरम में छुपा बैठा है।

695
01:48:50,916 --> 01:48:52,416
जहाँ चोर लुटेरे छुपने

696
01:48:52,500 --> 01:48:53,833
के लिये डेरा डालते हैं।

697
01:48:53,916 --> 01:48:56,333
अगर कोई पहरेदार वहाँ आ पहुँचे

698
01:48:56,458 --> 01:48:59,541
तो उसके प्राण बचना असंभव है।

699
01:49:09,250 --> 01:49:12,000
-इससे पहले तुम्हें कभी नहीं देखा।
-मैं यहाँ पर नया हूँ।

700
01:49:12,166 --> 01:49:14,458
कपड़ो में छुरी? ये क्यों चाहिए?

701
01:49:14,541 --> 01:49:15,958
गुप्तचर हो?

702
01:49:22,500 --> 01:49:24,708
हमारे पहरेदार इतने चौकन्ने होते...

703
01:49:24,791 --> 01:49:27,250
तो हमे देश-विदेश घुमने
का मौक़ा कहाँ से मिलता?

704
01:49:30,333 --> 01:49:31,958
कट्टारी या होशियारी?

705
01:49:32,083 --> 01:49:33,666
जिसमे ज़्यादा धार हो।

706
01:49:41,625 --> 01:49:43,000
मदिरा है?

707
01:49:50,458 --> 01:49:51,625
बड़ा है?

708
01:50:01,041 --> 01:50:02,500
और बड़ा है?

709
01:50:10,000 --> 01:50:11,333
रोकड़ा है?

710
01:50:20,375 --> 01:50:23,375
मेरे सारे भाईयों की प्यास बुझा दे इतना है।

711
01:50:43,041 --> 01:50:45,083
-अरे वो देखो।
-वहाँ मदिरा की बरसात हो रही है।

712
01:50:45,208 --> 01:50:46,458
चलो।

713
01:50:51,208 --> 01:50:54,291
इतना ही नहीं, और भी बहुत कुछ है।

714
01:51:18,333 --> 01:51:23,458
है रात में ये नशा तेरा तेरा

715
01:51:24,291 --> 01:51:29,500
दिल को तेरे प्यार ने घेरा घेरा

716
01:51:30,291 --> 01:51:36,166
होठों से होठों पे कोई निशानी तु दे जा
दे जा

717
01:51:36,291 --> 01:51:42,083
मुझसे ही मुझको, ओ यारा
चुरा के तु ले जा, ले जा

718
01:51:42,208 --> 01:51:46,750
मनोहरी

719
01:51:48,125 --> 01:51:53,166
मनोहरी

720
01:51:54,333 --> 01:51:57,208
मान ले, ये मान ले कि तेरी बातों ने किया

721
01:51:57,333 --> 01:51:59,750
बिन पीये मुझे शराबी रे

722
01:52:00,333 --> 01:52:05,750
तु ही खोले सारे ताले, सुन ले, जाने जाना
तु ही मेरे दिल की चाभी रे

723
01:52:06,333 --> 01:52:08,958
प्याले ये तन के आ पी लु मैं जमके

724
01:52:09,083 --> 01:52:12,166
तु मेरा
मेरा

725
01:52:12,291 --> 01:52:17,416
है रात में ये नशा तेरा तेरा

726
01:52:18,333 --> 01:52:24,083
दिल को तेरे प्यार ने घेरा घेरा

727
01:53:00,375 --> 01:53:06,000
क्या बाज़ु है तेरी
मुझको इनमें जीना

728
01:53:12,291 --> 01:53:17,958
जो जादू है तुझमें होगा वो कहीं ना

729
01:53:24,375 --> 01:53:30,208
तु है सेहरा जैसा
मुझे तुझमें ही खो जाना

730
01:53:30,333 --> 01:53:36,416
मेरा तू हो ना हो
मुझे तेरा ही हो जाना

731
01:53:36,666 --> 01:53:40,500
मजे ले ले आ

732
01:53:42,208 --> 01:53:46,583
मनोहरी

733
01:53:46,666 --> 01:53:48,041
मनोहरी

734
01:53:48,166 --> 01:53:53,250
-मनोहरी
-मनोहरी

735
01:53:54,333 --> 01:53:57,208
प्यार के ये तीखे-मीठे तीर ना चला रे

736
01:53:57,333 --> 01:53:59,666
जान, मेरी जान, मान जा

737
01:54:00,375 --> 01:54:03,083
प्याले ये तन के आ पी लूँ मैं जम के

738
01:54:03,208 --> 01:54:06,250
तु मेरा, मेरा

739
01:54:06,375 --> 01:54:11,791
है रात में ये नशा तेरा, तेरा

740
01:54:12,375 --> 01:54:17,875
दिल को तेरे प्यार ने घेरा, घेरा

741
01:55:25,708 --> 01:55:28,875
तुम दोनों के हाथों तड़प-तड़प के
मरने से अच्छा है...

742
01:55:28,958 --> 01:55:30,166
भल्ला।

743
01:56:03,291 --> 01:56:05,250
कटप्पा।

744
01:56:35,291 --> 01:56:38,958
हमारे रहस्य तुमने किसको पहुंचाये? बोलो।

745
01:56:39,416 --> 01:56:40,958
कालकेय!

746
01:56:44,708 --> 01:56:47,166
कालकेय रणनीति नहीं मानते।

747
01:56:47,708 --> 01:56:50,333
उनकी दरिंदगी हमारे सोच से परे है।

748
01:56:51,500 --> 01:56:53,750
अगर वो राज्य में प्रवेश कर गए

749
01:56:54,583 --> 01:56:57,083
तो एक-एक बच्चे को जान से मार देंगे।

750
01:56:58,375 --> 01:57:01,500
भेड़ियों की तरह हर एक औरत पर टूट पड़ेंगे।

751
01:57:02,541 --> 01:57:05,375
सारे घरों को लूट कर आग लगा देंगे।

752
01:57:06,416 --> 01:57:09,333
ऐसी बातों से छोटे-मोटे राज्य डरते होंगे।

753
01:57:09,625 --> 01:57:11,458
हमारे पास 25,000 सैनिकों का बल है।

754
01:57:11,541 --> 01:57:12,958
तो हम क्यों डरे?

755
01:57:13,500 --> 01:57:17,666
-कालकेय के पास कितना सैनिक बल है।
-एक लाख।

756
01:57:54,333 --> 01:57:56,333
खेत में सांड घुस जाये

757
01:57:56,625 --> 01:58:01,500
या राज्य में कालकेय,
दोनों को श्मशान बनते देर नहीं लगती।

758
01:58:10,500 --> 01:58:12,916
हमें अपने राज्य की सुरक्षा भी करनी है

759
01:58:13,625 --> 01:58:15,875
और शत्रु पर भरपूर प्रहार भी।

760
01:58:16,375 --> 01:58:18,500
हमारी व्यूह रचना क्या होनी चाहिये?

761
01:58:19,458 --> 01:58:20,708
त्रिशूल व्यूह।

762
01:58:24,416 --> 01:58:29,166
त्रिशूल व्यूह सिर्फ़ पुस्तकों में
पढ़ा गया है। इससे अधिक कोई कुछ नहीं जानता।

763
01:58:29,291 --> 01:58:31,458
ऐसे व्यूह के साथ तुम युद्ध करोगे।

764
01:58:31,875 --> 01:58:33,541
कोई नहीं जानता तो

765
01:58:33,625 --> 01:58:35,708
कालकेय भी नहीं जानते होंगे।

766
01:58:36,000 --> 01:58:38,250
इसका प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

767
01:58:38,375 --> 01:58:41,666
-मैं सहमत हूँ।
-मेरी अनुमति है।

768
01:58:42,708 --> 01:58:46,583
हमारे राज्य में प्रवेश
करने का यही एक रास्ता है।

769
01:58:46,666 --> 01:58:52,083
कटप्पा! शत्रु को रोकने के लिए
आपको कितने सैनिकों की आवश्यकता होगी?

770
01:58:52,583 --> 01:58:54,291
पांच हजार, राजमाता।

771
01:58:54,916 --> 01:58:58,750
बरछी और ढ़ालों से
मैं एक लोहे की दीवार बनाऊँगा।

772
01:58:59,333 --> 01:59:01,875
सेना को एक अभेद किले में बदल दूँगा।

773
01:59:03,833 --> 01:59:06,625
मैं उत्तर दिशा की ओर से
सेना का नेतृत्व करूँगा।

774
01:59:09,333 --> 01:59:11,958
दक्षिण की सेना का उत्तरदायित्व मेरा होगा।

775
01:59:14,208 --> 01:59:15,625
हमें गुप्त सुचना मिली

776
01:59:15,708 --> 01:59:18,208
कि कालकेय का सेना नायक स्वयं पीछे रहकर

777
01:59:18,333 --> 01:59:20,541
अपनी आधी सेना को आगे भेज देगा।

778
01:59:21,500 --> 01:59:24,375
अपनी व्यूह रचना और हथियारों के बल पर

779
01:59:24,750 --> 01:59:27,958
हम किसी भी सेना को एक पहर तक
रोक के रख सकते हैं।

780
01:59:28,458 --> 01:59:32,958
लेकिन इस एक पहर में हमें कालकेय
के सेना नायक को मार गिराना होगा।

781
01:59:33,083 --> 01:59:35,916
उसके मरते ही सेना टूट के बिखर जाएगी।

782
01:59:36,625 --> 01:59:39,250
युद्ध के बीच में सही समय देखकर

783
01:59:39,375 --> 01:59:41,625
दोनों युवराज अपनी अश्वसेना

784
01:59:41,708 --> 01:59:44,500
के साथ कालकेय पर दो
तरफ से आक्रमण कर देंगे।

785
01:59:44,625 --> 01:59:47,583
हमारी व्यूह रचना समझकर
हम पर पलट वार करने में

786
01:59:48,250 --> 01:59:50,541
उन्हें कम से कम एक पहर लगेगा।

787
01:59:50,625 --> 01:59:53,208
इतना बहुत है, माँ। विजय प्राप्ति के लिये।

788
01:59:53,333 --> 01:59:57,125
आधा पहर भी बहुत है
उसका सर धड़ से अलग करने के लिये।

789
01:59:57,250 --> 01:59:58,541
अद्भुत।

790
01:59:59,250 --> 02:00:02,541
इसी युद्ध के साथ
नए राजा का निर्णय भी हो जायेगा।

791
02:00:04,833 --> 02:00:07,416
जो कालकेय सेना नायक का वध करेगा

792
02:00:07,791 --> 02:00:10,166
उसी को मिलेगा माहिष्मती का सिंहासन।

793
02:00:11,833 --> 02:00:14,625
-महाराज ने सत्य वचन कहा।
-सत्य है।

794
02:00:17,791 --> 02:00:21,375
दोनों युवराजों में सेना बराबर बाँट दो।

795
02:00:23,500 --> 02:00:25,416
भल्ला, बाहु।

796
02:00:25,833 --> 02:00:28,916
मातृभूमि का ऋण चुकाने का यही अवसर है।

797
02:00:29,375 --> 02:00:30,708
इसे स्वीकार करो।

798
02:00:32,041 --> 02:00:34,916
-जय माहिष्मती।
-जय माहिष्मती!

799
02:00:39,041 --> 02:00:41,791
तुम्हारे ताया ने
तुम्हारे साथ अन्याय किया है, बाहु।

800
02:00:42,208 --> 02:00:46,291
तुम्हें ऐसे शस्त्र दिये हैं जो सिर्फ़
किले के दीवारें गिराने के काम आते हैं।

801
02:00:46,833 --> 02:00:49,833
खुली रणभूमी में ऐसे
शस्त्रों की क्या आवश्यकता?

802
02:00:50,833 --> 02:00:54,791
तलवारों वाला रथ और तीर चलाने
वाले हथियार तो भल्लालदेव को दे दिये।

803
02:00:57,083 --> 02:00:59,375
तुम्हें इसका विरोध करना चाहिये था, बाहु।

804
02:01:02,791 --> 02:01:05,458
माहिष्मती सिंहासन अब
आपके पुत्र का ही है, प्रभु।

805
02:01:05,958 --> 02:01:09,208
-बाहुबली को बड़ी चालाकी से...
-इसमें क्या चालाकी है?

806
02:01:09,541 --> 02:01:13,750
जो इतना भी नहीं कह सकता कि मुझे
ये सेना चाहिये, मुझे वो हथियार चाहिये।

807
02:01:14,583 --> 02:01:17,041
वह कल रणभुमी में क्या झंडे गाडेगा?

808
02:01:18,541 --> 02:01:20,875
बलवान को और बलवान करो।

809
02:01:21,625 --> 02:01:24,958
इसे चालाकी नहीं, राजनीति कहते हैं।

810
02:01:25,625 --> 02:01:28,333
-अरे! ये क्या है?
-क्षमा करे, प्रभु!

811
02:01:28,458 --> 02:01:31,208
छोटे युवराज ने आदेश दिया है
कि तंबु चीर के कपड़ा ले आओ।

812
02:02:40,041 --> 02:02:43,500
भल्लालदेव, आओ भी। आओ भी।

813
02:03:11,416 --> 02:03:14,458
-हम अजेय हैं।
-हम अजेय हैं।

814
02:03:14,541 --> 02:03:17,500
हम अजेय हैं

815
02:03:17,875 --> 02:03:20,291
बाहुबली, आगे बढ़ो।

816
02:03:25,166 --> 02:03:27,333
बाहुबली। बाहुबली।

817
02:03:51,958 --> 02:03:54,833
बाहु, यह हमारे पुर्वजों की परम्परा है।

818
02:03:55,083 --> 02:03:57,333
ये बलि नहीं चढ़ाइ तो सैनिक अपसकुन मानेंगे।

819
02:03:57,458 --> 02:03:58,375
हाँ, युवराज!

820
02:03:58,500 --> 02:04:00,625
युद्ध में जाने से पहले ये बलि नहीं चढ़ाई

821
02:04:00,708 --> 02:04:02,083
तो देवी माँ क्रोधीत हो जायेंगी।

822
02:04:02,208 --> 02:04:05,333
देवी माँ की प्यास बुझाने के लिये
एक निर्बल की बलि क्यों?

823
02:04:06,166 --> 02:04:08,583
मेरा उमड़ता हुआ रक्त समर्पित है।

824
02:04:11,291 --> 02:04:13,875
-जय माहिष्मती!
-जय माहिष्मती!

825
02:04:17,666 --> 02:04:19,000
जय माहिष्मती!

826
02:04:33,833 --> 02:04:36,000
माहिष्मती क्षमा धर्म का पालन करता है।

827
02:04:38,625 --> 02:04:40,166
हम अंतिम अवसर दे रहे हैं।

828
02:04:40,291 --> 02:04:43,666
रणभूमि छोड़ कर भाग जाओ।
तुम लोगों को प्राण दान दे दिया जायेगा।

829
02:04:58,666 --> 02:05:00,708
तुम्हारे दोनों पुत्रों में जो मुझे मारेगा

830
02:05:00,791 --> 02:05:03,416
तुम उसे राजा घोषित करोगी। क्या यह सच है?

831
02:05:08,791 --> 02:05:11,625
और अगर वो दोनों मेरे हाथों मर गए तो?

832
02:05:28,833 --> 02:05:31,541
तुम्हारे राज्य को और तुम को वश में कर के

833
02:05:31,625 --> 02:05:32,958
मै जो पुत्र पैदा करूँगा

834
02:05:33,083 --> 02:05:34,541
उसे राजा बना देना।

835
02:05:43,583 --> 02:05:45,500
उसे जीवित रहना होगा।

836
02:05:46,333 --> 02:05:49,625
उसके हाथ-पांव कट जाए, शरीर का सारा रक्त

837
02:05:49,708 --> 02:05:52,500
बह जाये तो भी जीवित रहना होगा।

838
02:05:59,333 --> 02:06:04,291
गिद्द उसकी दोनों आँखें नोंच खाये
और पेट से सारी आंतें बाहर आ जाये

839
02:06:04,791 --> 02:06:06,791
तो भी जीवित रहना होगा।

840
02:06:08,250 --> 02:06:10,166
-कटप्पा!
-राजमाता।

841
02:06:10,291 --> 02:06:12,416
समर शंख फूँक दो।

842
02:06:43,500 --> 02:06:44,833
तैयार है।

843
02:06:44,916 --> 02:06:45,916
आक्रमण के लिए तैयार।

844
02:06:51,625 --> 02:06:52,958
शस्त्र तैयार हो।

845
02:06:58,791 --> 02:07:00,458
बाहुबली की आज्ञा की प्रतिक्षा है।

846
02:07:27,875 --> 02:07:29,166
तैयार।

847
02:07:30,416 --> 02:07:32,333
अपनी-अपनी जगह लो।

848
02:08:39,208 --> 02:08:40,458
आक्रमण!

849
02:09:39,250 --> 02:09:41,500
शस्त्र तैयार करो।

850
02:11:22,083 --> 02:11:24,916
-शाबाश, बाहुबली!
-शाबाश।

851
02:11:54,375 --> 02:11:56,416
महासेना, घात।

852
02:11:56,500 --> 02:11:58,125
प्रतिघात।

853
02:12:17,291 --> 02:12:20,000
घातो। घातो बल।

854
02:12:35,958 --> 02:12:37,916
तलवारधारी, आगे बढो

855
02:14:38,041 --> 02:14:39,333
घातो बल।

856
02:14:42,041 --> 02:14:44,333
त्रिशूल व्यूह आरंभम।

857
02:17:20,833 --> 02:17:22,166
भल्लालदेवा।

858
02:17:27,750 --> 02:17:29,166
युवराज।

859
02:17:40,500 --> 02:17:42,458
-युवराजा।
-सेना।

860
02:19:09,375 --> 02:19:11,041
घात! घात!

861
02:19:14,291 --> 02:19:17,416
घात! घात! घातो बल!

862
02:19:25,125 --> 02:19:28,041
घात! घात! घातो बल!

863
02:20:11,958 --> 02:20:14,041
हमारा रक्षा कवच टूट चुका है।

864
02:20:14,416 --> 02:20:17,750
माहिष्मती की धरती पर पहली बार
शत्रु का ध्वज लहरा रहा है।

865
02:20:17,833 --> 02:20:20,333
मृत्यु। यह मृत्यु ही तो है।

866
02:20:20,875 --> 02:20:23,583
-मृत्यु।
-मृत्यु।

867
02:21:13,875 --> 02:21:15,333
मृत्यु।

868
02:21:18,458 --> 02:21:19,916
मृत्यु।

869
02:21:23,333 --> 02:21:24,708
महासेना!

870
02:21:32,541 --> 02:21:34,208
क्या है मृत्यु?

871
02:21:35,791 --> 02:21:40,000
हमारे आत्मबल से शत्रु का बल ज़्यादा है,
ये सोचना है मृत्यु।

872
02:21:41,791 --> 02:21:46,250
रणभूमी में शत्रु से भयभीत होकर
जीवित रहना है मृत्यु।

873
02:21:48,125 --> 02:21:52,625
जिस निच ने हमारी माँ का अपमान किया
वो हमारी आँखों के सामने अट्टाहास रहा है

874
02:21:54,458 --> 02:21:57,625
उसका सर काट कर माँ के चरणों में
अर्पित करने की जगह

875
02:21:57,708 --> 02:22:00,125
पीठ दिखाकर भागना है मृत्यु।

876
02:22:05,125 --> 02:22:08,333
उस मृत्यु को मारने जा रहा हूँ मैं।

877
02:22:09,333 --> 02:22:13,458
मेरी माँ और मातृभूमि को कोई
निच पापी छु नहीं सकता।

878
02:22:13,541 --> 02:22:17,833
उनकी छाती चीर कर
उन सब को ये कहने जा रहा हूँ मैं!

879
02:22:23,250 --> 02:22:25,416
मेरे साथ आएगा कौन?

880
02:22:27,416 --> 02:22:28,666
मैं!

881
02:22:28,750 --> 02:22:31,791
-मेरे साथ मरेगा कौन?
-मैं!

882
02:22:31,875 --> 02:22:33,458
उस मृत्यु को पार कर के

883
02:22:33,541 --> 02:22:36,708
-मेरे साथ अमर होगा कौन?
-मैं!

884
02:22:38,458 --> 02:22:39,750
मैं!

885
02:22:39,833 --> 02:22:42,375
जय माहिष्मती!

886
02:22:42,500 --> 02:22:44,500
जय माहिष्मती!

887
02:22:44,666 --> 02:22:48,875
जय माहिष्मती!

888
02:22:59,458 --> 02:23:01,166
जय माहिष्मती!

889
02:23:32,541 --> 02:23:33,916
सेतुपति!

890
02:28:25,791 --> 02:28:28,166
गिद्ध उसकी आँखें नोंच खायें

891
02:28:28,291 --> 02:28:30,916
और पेट से आंते बाहर आ जाये।

892
02:28:31,625 --> 02:28:36,416
उसके हाथ पाव कट कर
शरीर का सारा रक्त बह जाना चाहिए।

893
02:29:00,708 --> 02:29:02,208
मेरा पुत्र!

894
02:29:03,625 --> 02:29:06,750
जय भल्लालदेव! जय भल्लालदेव!

895
02:29:29,750 --> 02:29:31,291
मेरा पुत्र!

896
02:29:31,875 --> 02:29:36,166
मेरा वीर पुत्र!
जिसने कालकेय को मार गिराया।

897
02:29:36,666 --> 02:29:38,375
युद्ध में विजयी हुआ।

898
02:29:43,500 --> 02:29:47,625
हमारा होने वाला महाराजा भल्लालदेव है!

899
02:29:47,750 --> 02:29:51,166
जय भल्लालदेव! जय भल्लालदेव!

900
02:29:52,541 --> 02:29:55,041
भल्लाल की वीरता ने हमारे राज्य की

901
02:29:55,125 --> 02:29:57,291
इतिहास में सुनहरा पन्ना जोड़ दिया।

902
02:29:57,791 --> 02:30:03,541
राज्य के कोने-कोने में उसकी विजयगाथा
फैलाई जाए। उसकी प्रतिमायें बनवाई जाए।

903
02:30:03,958 --> 02:30:06,375
महावीर भल्लालदेव को आज मैं

904
02:30:06,500 --> 02:30:09,875
माहिष्मती की सर्वसेना का
अधीपति घोषित करती हूँ।

905
02:30:13,250 --> 02:30:17,333
बाहूबली को आपका होने वाला महाराज
घोषित करती हूँ।

906
02:30:25,833 --> 02:30:29,291
हे शिवगामी! ये कैसा निर्णय है?

907
02:30:29,416 --> 02:30:34,416
कालकेय का अंत मेरे पुत्र ने किया।
हमारे पुत्र ने किया।

908
02:30:34,500 --> 02:30:36,833
क्या तुमने अपनी आँखों से नहीं देखा?

909
02:30:37,666 --> 02:30:41,250
वो है ना राजा? वही है ना?

910
02:30:41,541 --> 02:30:43,333
एक राजा का धर्म सिर्फ़

911
02:30:43,541 --> 02:30:45,958
शत्रु को मारना ही नहीं होता।

912
02:30:46,083 --> 02:30:48,666
प्रजा को बचाना भी होता है।

913
02:30:49,041 --> 02:30:50,166
युद्ध में भल्लाल ने

914
02:30:50,250 --> 02:30:53,291
दोनों हाथों से बस शत्रु का संहार किया।

915
02:30:53,416 --> 02:30:56,500
लेकिन बाहूबली ने
एक हाथ से दुश्मन की जान ली,

916
02:30:56,666 --> 02:30:59,125
दुसरे हाथ से प्रजा की रक्षा की।

917
02:31:00,083 --> 02:31:03,041
ये अंतर है एक सिपाही में और एक राजा में।

918
02:31:05,250 --> 02:31:07,500
युद्ध में सैकड़ों को मारने वाला

919
02:31:07,625 --> 02:31:08,916
नायक है।

920
02:31:09,416 --> 02:31:13,791
लेकिन जो किसी एक की भी जान बचा ले
वो देवता है।

921
02:31:17,458 --> 02:31:20,708
जो चार मामूली लोगों की जान बचाए,
राजा बन जाए? ये कहाँ का...

922
02:31:20,791 --> 02:31:23,250
बाहुबली को शुभ मुहूर्त देखकर माहिष्मती का

923
02:31:23,333 --> 02:31:25,500
राजमुकुट पहनाया जाएगा।

924
02:31:26,500 --> 02:31:30,083
ये मेरा वचन है। मेरा वचन ही है शासन।

925
02:31:34,208 --> 02:31:36,750
बाहुबली! बाहुबली!

926
02:31:37,208 --> 02:31:39,750
बाहुबली! बाहुबली!

927
02:32:04,833 --> 02:32:07,125
अमरेन्द्र बाहुबली!

928
02:32:07,208 --> 02:32:11,958
विजयी भव! विजयी भव! विजयी भव!

929
02:32:15,416 --> 02:32:18,291
अमरेन्द्र बाहुबली!

930
02:32:18,416 --> 02:32:22,125
विजयी भव! विजयी भव! विजयी भव!

931
02:32:28,708 --> 02:32:31,833
हमारा शिवा, महाराज का बेटा।

932
02:32:32,833 --> 02:32:35,541
उनके बारे में सुन के तो हम धन्य हो गए।

933
02:32:36,500 --> 02:32:39,750
उन महापुरुष को एक बार
अपनी आँखों से देख सकते हैं?

934
02:32:42,208 --> 02:32:43,750
नहीं रहे।

935
02:32:45,375 --> 02:32:47,333
वो देवता अब नहीं रहे।

936
02:32:54,500 --> 02:32:56,750
शत्रु उसके पास भी नहीं आ सकता।

937
02:32:57,208 --> 02:32:59,500
हथियार भी उसे छूने से डरते हैं।

938
02:33:01,041 --> 02:33:03,208
ऐसे महावीर की मृत्यु कैसे हुई?

939
02:33:05,041 --> 02:33:08,625
तलवार के वार से,
तीर के प्रहार से भी ज़्यादा घातक है...

940
02:33:09,416 --> 02:33:11,291
...विश्वासघात, महेन्द्र।

941
02:33:11,666 --> 02:33:14,416
कौन, दादा? कौन?

942
02:33:17,541 --> 02:33:19,083
वो निच...

943
02:33:21,083 --> 02:33:21,958
...मैं हूँ।

944
02:33:39,750 --> 02:33:45,375
स्वप्न सुनहरे

945
02:33:46,041 --> 02:33:50,625
घाव गहरें

946
02:33:53,458 --> 02:33:58,250
हर धारा में लेके चली

947
02:33:58,333 --> 02:34:03,666
जीव नदी

948
02:34:05,041 --> 02:34:09,291
पर्वत रोके

949
02:34:10,125 --> 02:34:14,958
चीरे घाटी

950
02:34:16,666 --> 02:34:22,166
धार समय की

951
02:34:22,375 --> 02:34:28,083
रुक ना पाती

952
02:34:29,250 --> 02:34:34,666
कल कल ये

953
02:34:35,208 --> 02:34:39,375
अविरल ये

954
02:34:39,500 --> 02:34:46,125
बहती जाती प्राण नदी

955
02:34:47,083 --> 02:34:53,791
जीव नदी

956
02:38:31,041 --> 02:38:33,458
अनुवादक:
अरविंद विश्वकर्मा

